Monday, 20 July 2020

बॉलीवुड में बोलने के बहुतेरे खतरे हैं और हम बेखौफ हैं हर अंजाम से-दबंग फेम निर्देशक अभिनव कश्यप ने कहा...


* निर्भय देवयांश 
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अभिनव कश्यप ने सलमान खान को लेकर एक सुपर-डुपर हिट फिल्म दी थी 'दबंग'। उम्मीद थी निर्देशक को कि दबंग भाग- 2 में भी उन्हें मौका दिया जाएगा। ऐसा होता है लेकिन हुआ नहीं। राजकुमार हिरानी को विधु विनोद चोपड़ा ने मुन्नाभाई एमबीबीएस में बार-बार मौका दिया है। सो, अभिनव कश्यप की उम्मीद बेमानी नहीं थी। आखिर हिट फिल्म के ही तो सिक्वल बनते हैं। फ्लॉप फिल्मों को कहाँ ऐसी सुविधा नसीब है। 
 अभी पिछले दिनों लहक ने अभिनव कश्यप से सुशांत सिंह राजपूत की दुर्भाग्यपूर्ण आत्महत्या पर बात की। अभिनेत्री कंगना रनौत बॉलीवुड के काले सच को सामने ला रही हैं, तो दूसरी तरफ अभिनव कश्यप लगातार मुखर हैं। उन्होंने कहा कि सच को सच की तरह ही कह रहे हैं और निडर होकर कह रहे हैं। आख़िरकार उनके कैरियर से खेला गया है। यह छोटी घटना तो है नहीं। आखिर दर्शक के पैसे से चलने वाले बॉलीवुड में दो-चार घरानों का ही वर्चस्व क्यों रहे? यह सवाल है कि नहीं। जिन्हें हाशिए पर ढकेला जा रहा है, क्या वे औरों से कम प्रतिभावान हैं? दबंग जैसी सुपरहिट फिल्म तो अभिनव कश्यप ने ही दी। फिर उन्हें सिक्वल से दूर करने-रखने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं?
 लहक ने अभिनव कश्यप से सवाल किया कि बॉलीवुड में सरवाइवल के भयंकर खतरे हैं। अभिनव ने साहस भरे जवाब दिए और कहा कि जब सच के साथ ही जीना है तो फिर कोई भी काम कर लेंगे। एक दुकान खोल लेंगे, ऑटो चला लेंगे, पर किसी के सामने आत्मसमर्पण नहीं करेंगे। यही करना था तो फिर इस लाइन में आते ही क्यों? सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या से विचलित अभिनव कश्यप लगातार सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। ट्विटर पर बॉलीवुड के काले कारनामे को सार्वजनिक कर रहे हैं। उन्हें ऐसा करने में कोई डर, भय किसी से नहीं है। 
 लहक ने अभिनव कश्यप से अगला सवाल किया कि जो कि पूछना शायद ठीक नहीं था कि आपके बड़े भाई अनुराग कश्यप तो दूसरे-तीसरे निर्देशक को चांस देते हैं। आप उनके बैनर से क्यों नहीं जुड़ते? अभिनव जिस मानसिक अवस्था से गुजर रहे हैं, वहाँ ऐसे सवाल जरूरी नहीं होते। फिर भी अभिनव कश्यप ने कहा कि इसे लेकर हम बात नहीं करना चाहेंगे। यह घर का मामला है। घर में ही रहने दें। जब कभी ऐसी बात होगी तो वह घर के दायरे में हो जाएगी। दबंग के अलावे उनके द्वारा निर्देशित फिल्म 'बेशर्म' भी चर्चित रही है। मणिरत्नम के सहायक के तौर पर फिल्म 'युवा' से भी जुड़े रहे हैं। इनके अलावा धारावाहिक व अन्य फिल्मों के निर्देशन से भी अभिनव का जुड़ाव रहा है। 
 सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद बॉलीवुड दो खेमे में बंट गया है। एक का प्रतिनिधित्व दो- चार घराने और उससे जुड़े लोग कर रहे हैं तो दूसरे का प्रतिनिधित्व आउटसाइडर अभिनव कश्यप, कंगना रनौत, शेखर सुमन आदि कर रहे हैं। कला की दुनिया हो या राजनीति की दुनिया चंद घरानों के लिए नहीं होती है, बल्कि आउटसाइडर भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। शुरू-शुरू में अनुराग कश्यप ने भी 'प्रिविलेज्ड क्लास' की बात उठायी थी। आज यह बड़ा मामला बन गया है, जो किसी के दबाने से दबने वाला नहीं है। दर्शक भी इस मसले से जुड़ गये हैं। 

1 comment:

  1. I highly give my regards to Mr.Abhinav Khashyap for such great action.Such type of directors should always be present in bollywood industry.Such a great director, hatsoff to you sir.You are incredible....

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