#अंतिम सत्य #मनुष्य है
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जुर्म की किसी भी किताब को जला डालो
उससे रोटी पकती है तो उसकी आंच कारगर है
नहीं तो भला मनुष्य की पैदाइश इतनी बुरी कैसे हो सकती है
मानवता नहीं, संवेदना भी नहीं
वस्तुएं तय करें मनुष्य होने का मूल्य
सदियों से भी यह बात सच है अगर
तो मेरे पास जो ठोकर है पांव में
लो मैं मार देता हूँ...
#फकीर
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