#चाचू कवि नवल जी #नेपथ्य में ही रहकर काम करते थे। #कोलकाता में ऐसे कितने #साहित्यकार हैं जिनकी रचना उन्होंने #छपवायी और वह #लेखक की आखिरी #रचना होकर रह गयी। नवल जी का मूल नाम #जयप्रकाश खत्री था और लेखन #नवल नाम से करते थे। #उडीपी होटल के बाहर के बैठकखाने में #चौकड़ी।
No comments:
Post a Comment